खोरठा भाषा एवं साहित्य
भाग (क) : खोरठा भाषा
(i) खोरठा भाषा का उद्भव और विकास
(ii) खोरठा भाषा की विशेषताएं
(iii) खोरठा भाषा का व्याकरण - संज्ञा, सर्वनाम, वचन, पुरुष, लिंग-निर्णय, काल, क्रिया, विशेषण, उपसर्ग, प्रत्यय, कारक
iv) शब्द गठन एवं वाक्य संरचना एवं क्षेत्रीय रूप, मानकीकरण
(v) लिपि समस्या, विशेषताएं तथा विकास
(vi) खोरहटा भाषा का झारखण्ड की अन्य भाषाओं से सम्बन्ध एवं विभिन्नता
भाग (ख) : खोरठा लोक साहित्य
(i) खोरठा लोक साहित्य का सामान्य परिचय, विशेषताएं एवं महत्व
(ii) खोरठा लोकगीत की परिभाषा, विशेषताएं एवं महत्त्व, खोरठा लोकगीत का वर्गीकरण, लोकगीतों में विविध-चित्रण
(iii) खोरठा लोक कथाओं का उद्भव और विकास, वर्गीकरण एवं महत्व
(iv) लोकगाथा
(v) खोरठा प्रकीर्ण साहित्य - (क) लोकोक्ति, (ख) मुहावरा, (ग) पहेली, (घ) मंत्र
भाग (ग) : खोरठा शिष्ट साहित्य
(i) खोरठा साहित्य का काल विभाजन - (क) आदिकाल, ख) मध्यकाल, (ग) आधुनिक काल
(ii) खोरठा पद्य साहित्य का उद्भव एवं विकास
गीत, कविता
(iii) खोरठा गद्य साहित्य का इतिहास एवं विकास - (क) कहानी, ख) उपन्यास, (ग) नाटक, (घ) आत्मकथा, (ङ) जीवनी, (च) यात्रा वृतांत, (छ) निबंध, (ज) शब्द चित्र, (झ) संस्मरण
(i) खोरठा साहित्य के विकास पर अन्य भारतीय साहित्यों का प्रभाव
(ii) खोरठा भाषा साहित्य के प्रमुख कवि, लेखकों, कलाकारों की कृतियों का परिचय - श्री निवास पानुरी, भुवनेश्वर दत्त शर्मा "व्याकुल", ए. के. झा, श्याम सुन्दर महतो, विश्वनाथ दसौंधी राज, विश्वनाथ नागर, शिवनाथ प्रमाणिक, कुमारी शशि, ड़ॉ. बिनोद कुमार, ड़ॉ. बी. एन. ओहदार
भाग (ङ) : खोरठा निबंध
निम्नलिखित विषयों में से देवनागरी लिपि में निबंध लेखन
(i) सम-सामयिक विषय पर निबंध
(ii) सांस्कृतिक विषय
(iii) सामजिक विषय
(iv) आर्थिक विषय
(v) भौगोलिक विषय
भाग (च) : खोरठा संक्षेपण
दिए गए गद्यांश का शीर्षक एवं संक्षेपण करना होगा
भाग (छ) : खोरठा गद्यांश
इस भाग में परीक्षार्थियों को दिए गए हिंदी गद्यांश को खोरठा भाषा (देवनागरी लिपि) में अनुवाद
भाग (ज) : खोरठा आउछेद से प्रश्न
इस भाग में परीक्षार्थियों को दिए गए अनुच्छेद/ अवतरण पढ़ कर खोरठा भाषा में तीन प्रश्नों का उत्तर देना है